Soya Hee Hua Tha Main | Gitesh Sharma (Blogger & Author) | ShivShankar | Jamwang Lowang | AmarUjala

By | August 31, 2019


उस -40℃ में चौबीस घंटे खडे़ रहना, इस उम्मीद में कि कि मेरे भरोसे कोई सोया हुआ है। उस -40℃ में चौबीस घंटे खडे़ रहना, इस उम्मीद में कि मेरे भरोसे कोई सोया हुआ है सोया ही हुआ हू, मैं अभी-अभी।। मौत का डर न था मुझे, मौत का डर न था मुझे, न जीने कि ख्वाहिश थी, मौत का डर न था मुझे, न जीने कि ख्वाहिश थी, बस बर्फ की गुफाओं में रहना था,
और तन्हायी में जिंदगी थी, हाथ में तेरे फोटो थे और नींद भी अभी आई थी।। सोया ही हुआ हू, मैं अभी-अभी।। किसी बेटे के लिए अपनी माँ की गोद में सोना, एक स्वर्ग के जैसा है। किसी बेटे के लिए अपनी माँ की गोद में सोना, एक स्वर्ग के जैसा है। पर फिर भी कोई उम्मीद नहीं है, आपसे। पर फिर भी कोई उम्मीद नहीं है, आपसे। बस एक इच्छा और अनुरोध है, आपसे। दो गज जमीन और एक तिरंगा चाहिए, एक सिपाही के वास्ते। दो गज जमीन और एक तिरंगा चाहिए, एक सिपाही के वास्ते। मरने का गम नहीं था मुझे। मरने का गम नहीं था मुझे। हाथ में तिरंगा था और लफ्ज़ पर “जय हिंद” का नारा था। हाथ में तिरंगा था और लफ्ज़ पर “जय हिंद” का नारा था। तभी एक बर्फ का झोंका आया तभी एक बर्फ का झोंका आया और मैं उससे नीचे दब गया अभी-अभी। सोया ही हुआ था मैं, अभी-अभी ।। सोया ही हुआ था मैं, हमेशा के लिए अभी-अभी ।। सोया ही हुआ था मैं, हमेशा के लिए अभी-अभी ।।

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